Suchak kya hai :- आज का हमारा यह लेख सूचक पर आधारित है। सूचक एक ऐसा पदार्थ है, जो अपना रंग बदलता है। इस article के माध्यम से हम समझेंगे, कि Suchak kya hai ? यह कितने प्रकार का होता है और यह किस तरह से कार्य करता है।
सूचक से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे साथ इस लेख में बने रहें।
सूचक क्या है ? | Suchak kya hai
सूचक ऐसा पदार्थ होता है जो क्षार या अम्ल के संपर्क में लाए जाने पर अपना रंग बदलता है अर्थात यह एक indicator होता है जो यह दर्शाता है किसी विलयन में अम्ल मौजूद है या क्षार।
यह indicator अम्लीय विलयन या क्षारीय विलयन के संपर्क में आने पर अलग-अलग रंग देता है। सूचक ही हमें बताता है कि जिस पदार्थ का हम प्रशिक्षण कर रहे हैं वह क्षार प्रवृत्ति का है या अम्लीय प्रवृत्ति का।
सूचक के प्रकार | Types Of Suchak
सूचक तीन प्रकार के होते हैं:- पहले प्राकृतिक सूचक, दूसरे कृत्रिम सूचक और तीसरे गंधीय सूचक। आइए अब इनके बारे में हम विस्तार पूर्वक जानते हैं:-
- प्राकृतिक सूचक किसे कहते हैं ?
प्राकृतिक सूचक ऐसे सूचक होते हैं जो प्रकृति में पाए जाते हैं। यह पौधों के रूप में मौजूद होते हैं। जैसे:- लाल पत्ता गोभी, लिटमस, हल्दी, हाइड्रेंजिया पौधे के फूल इत्यादि।
- कृत्रिम सूचक किसे कहते हैं ?
कृत्रिम सूचक ऐसे सूचक होते हैं human के द्वारा बनाए जाते हैं। यह रसायनिक पदार्थ होते हैं। उदाहरण के लिए फिनाफ्थलीन, मेथिल ऑरेंज आदि।
- गंधक सूचक किसे कहते हैं ?
यह ऐसे indicator होते हैं जिनकी गन्ध क्षारीय या अम्लीय माध्यम में बदल जाती है। उदाहरण के लिए लॉन्ग का तेल, प्याज आदि।
सूचक के द्वारा रंग / गंध परिवर्तन
अब हम जानेगे कि indicator जब किसी अम्ल या क्षार से मिलता है, तो उसमें किस तरह का परिवर्तन होता है:-
- अम्ल या क्षार से मिलने पर प्राकृतिक सूचक में परिवर्तन
- जब लिटमस अमल के साथ मिलता है तो वह लाल रंग का हो जाता है और जब वह क्षार के साथ मिलता है तो वह नीले रंग का हो जाता है।
- लाल पत्ता गोभी अमल के साथ मिलने पर लाल रंग मे परिवर्तित हो जाती है और क्षार के साथ मिलने पर हरा रंग दर्शाती है।
- हल्दी एक प्राकृतिक सूचक है। जब हल्दी अमल के साथ मिलती है तो उसमें कोई बदलाव नहीं आता परंतु जब वह क्षार के साथ मिलती है तो वह लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है।
- हायड्रेजिया के फूल को जब अम्ल के साथ मिलाया जाता है तो वह नीले रंग में परिवर्तित हो जाता है और जब यह रस क्षार के साथ मिलता है तो यह गुलाबी रंग में बदल जाता है।
- अम्ल/ क्षार से मिलने पर कृत्रिम सूचक में परिवर्तन
- फिनाथलिन सूचक जब क्षार के साथ मिलता है तो वह गुलाबी रंग का हो जाता है और जब अमल के साथ मिलता है तो वह रंगहीन हो जाता है।
- मेथिल ऑरेंज अमल के साथ मिलने पर लाल रंग में बदल जाता है और क्षार के साथ मिलने पर पीले रंग में परिवर्तित हो जाता है।
- अम्ल/ क्षार से मिलने पर गन्धिय सूचक में परिवर्तन
- गन्धिय सूचक, प्याज का रस जब अमल के साथ मिलता है तो एक तेज गंध उत्पन्न होती है और जब यह रस क्षार के साथ मिलता है तो कोई भी गन्ध पैदा नहीं होती।
- लॉन्ग का तेल जब किसी अमल के साथ मिलता है तो इसकी गंध में कोई परिवर्तन नहीं होता और क्षार में मिलने पर इसमें कोई गन्ध नहीं आती।
- वेनिला से जब अमल मिलता है तो उसकी गंध समान रहती है और जब क्षार मिलते हैं तो उसमें कोई गन्ध नहीं रहती।
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निष्कर्ष :
दोस्तों, आज के इस लेख मे हमने आपको सूचक से संबंधित सभी जानकारी विस्तृत रूप से देने की कोशिश की है। हमने आपको इस लेख के माध्यम से बताया है, कि Suchak kya hai ?
आशा करते हैं, कि यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी जरूर शेयर करें। यदि आपके मन में इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी प्रश्न है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।
FAQ’s :
Q1. सूचक क्या होते हैं ?
Ans. सूचक ऐसे पदार्थ होते हैं, जो अम्ल या क्षार के संपर्क में लाए जाने पर अपना रंग या गंध बदलते हैं।
Q2. सूचक कितने प्रकार के होते हैं ?
Ans. तीन प्रकार के
Q3. सूचको के नाम बताइए ?
Ans. प्राकृतिक सूचक, कृत्रिम सूचक और गंधक सूचक
Q4. प्राकृतिक सूचक क्या होते हैं ?
Ans. ऐसे सूचक जो प्रकृति से प्राप्त किए जाते हैं, प्राकृतिक सूचक कहलाते हैं।
Q5. गंधक सूचक के उदाहरण दीजिए ?
Ans. प्याज का रस, वेनिला
Q6. कृत्रिम सूचक किसे कहते है ?
Ans. ऐसे सूचक जो मानव द्वारा science lab में तैयार किया जाता है, कृत्रिम सूचक कहलाता है।
Q7. प्राकृतिक सूचक कौन–कौन से होते हैं ?
Ans. लिटमस, लाल पत्ता गोभी, हल्दी आदि
Q8. कृत्रिम सूचक के उदाहरण दीजिए ?
Ans. मेथिल ऑरेंज, फिनाथलिन
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