September 28, 2022
कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ | Mitti Dene ki Dua

कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ | Mitti Dene ki Dua

Mitti Dene ki Dua :- दोस्तों आपको मालूम होगा कि जब किसी भी मुस्लिम समाज के व्यक्ति की इंतकाल होती है तब उसे कब्र में लिटाया जाता है और फिर उसके बाद उस कब्र के ऊपर मिट्टी डाली जाती है और मिट्टी डालते समय दुआ पढ़ी जाती है मगर कई सारे ऐसे लो ग हैं जिन्हें मिट्टी देने की दुआ के बारे में कुछ मालूम ही नहीं है और उन्हें मिट्टी डालने की दुआ भी नहीं आती है।

इस टॉपिक के माध्यम से हम जानेंगे कि आखिर कब्र के ऊपर मिट्टी कैसे दिया जाता है और मिट्टी देने की दुआ कैसे पढ़ी जाती है। तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए।


कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ | Mitti Dene ki Dua

मुस्लिम समाज में जब कभी भी किसी भी व्यक्ति या मनुष्य की इंतकाल होती है तो उसे तहे दिल से उसके चहेते लोगों के साथ उसे कब्रिस्तान ले जाया जाता है और उसे दफनाते समय उनके कब्र पर उनके लोगों द्वारा मिट्टी डाली जाती है और दुआ पढ़ी जाती है।

जब कोई भी व्यक्ति किसी भी जनाजे के साथ कब्रिस्तान में अंदर दाखिल होता है तो उसे दाखिल से पहले अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह वबरकाताहु जरूर करना चाहिए क्योंकि यह किसी भी जनाजे का मिट्टी देने की पहला इस्लामिक तरीका है।

हम आपके जानकारी के लिए बता दें कि जब किसी के भी जनाजे को कब्रिस्तान में दफनाया जाता है तो उसके बाद उनके चहेते द्वारा कब्र पर लगभग तीन बार मिट्टी डाली जाती है और तीनों बार दुआ पढ़ी जाती है।  कब्र पर मिट्टी डालने की शुरुआत जनाजे के सर के तरफ से शुरू किया जाता है और दुआ पढ़ कर फिर मिट्टी डाली जाती है फिर दुआ पढ़ कर कब्र पर फिर मिट्टी डाली जाती है।

कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ कुछ इस प्रकार से होती है।


 पहला दुवा :-  ” मिन्हा खलकना कुम ”

पहले दुवा की अर्थ {अल्लाह कहते है कि, हमने तुमको इसी मिट्टी से बनाया}

कब्र पर मिट्टी डालने का पहला दुआ कुछ इस प्रकार से पढ़ कर अदा किया जाता है और फिर कब्र पर मिट्टी डाली जाती है।


 दूसरा दुवा :-  ” व फिहा नुईदुकुम “

दूसरे दुवा की अर्थ {अल्लाह कहते है कि, हम तुमको इसी मिट्टी मे मिलाएगे}

कब्र पर मिट्टी डालने का दूसरा दुआ कुछ इस प्रकार से पढ़ कर अदा किया जाता है और फिर कब्र पर मिट्टी डाली जाती है।


तीसरा दुवा :-  ” व मिन्हा नुखरिजुकुम तारतन ऊखरा

तिसरे दुवा की अर्थ { अल्लाह वापिस से कहते है कि, आखिरत मे इसी मिट्टी से हम तुमको उठांएगे}

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से कब्र पर मिट्टी डालने की अंतिम दुआ पढ़ी जाती है और कब्र पर तीसरी बार मिट्टी डाली जाती है।


मिट्टी देने की दुआ भूल जाए तो क्या करे ?

दोस्तों अक्सर लोग मिट्टी डालने की दुआ भूल जाते हैं या फिर आधे दुआ के बाद उनको आगे की दुआ मालूम नहीं रहती है तो इस परिस्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। हम आपके जानकारी के लिए बता दें कि इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है अगर आपको दुआ अच्छे से याद नहीं है तो आप अपने अगल-बगल के लोगों से मिट्टी देने की दुआ को पूछ सकते हैं इसमें कोई गुंजाइश नहीं है।


मैयत को मिट्टी कब देना चाहिए ?

दोस्तों हमने ऊपर के टॉपिक में जाना की मिट्टी देने की दुआ क्या होती है और उसे कैसे पढ़ा जाता है और यह भी जाना कि जब हम मिट्टी देने की दुआ भूल जाते हैं तब हमे क्या करना चाहिए अब हम इस टॉपिक के माध्यम से जानेंगे कि आखिर मैयत में मिट्टी कब देना चाहिए। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए।

जब किसी भी मुर्दा व्यक्ति को कब्र में लिटाया जाता है और कब्र में लेटाने के बाद, उस कब्र के ऊपर तख्त लगा कर उस कब्र को जब बंद कर दिया जाता है। तब उस पर मिट्टी डालनी चाहिए और मिट्टी डालने की दुआ पढ़नी चाहिए।


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 [ Conclusion, निष्कर्ष ]

दोस्तों आशा करता हूं कि आपको मेरा यह लेख बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से Mitti Dene Ki Dua के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको मिट्टी देने की दुआ, के बारे में बताने की कोशिश की है।आप हमारे दिए गए कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर दें कि आपको यह लेख कैसा लगा और आपको Mitti Dene Ki Dua समझ में आया कि नहीं।


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