September 28, 2022
Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi

Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi | सूरह बक़रह की आख़िरी दो आयत

Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi :- इस्लाम धर्म में बहुत सारी ऐसी नमाजे हैं जो घर परिवार के दुख परेशानियों को दूर करने के लिए पढ़ी जाती है। परिवार की इफजात के लिए पढ़ी जाती है।

सूरह बकराह की आखिरी दो आयते भी बहुत फजीलत रखती है। इसीलिए आज हम इस लेख के माध्यम से आपको सूरह बकरा मे आने वाली आखिरी दो आयतों के बारे में विस्तार पूर्वक से बताने वाले हैं।

आज का हमारा यह लेख Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi पर आधारित है। यदि आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख के अंत तक जरूर बने रहे।


Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi क्या है ?

यह कुरान मजीद की सबसे बड़ी सुरह है और साथ ही यह कुरान मजीद की दूसरी सुरह भी है। पहली सूरत सूरह फातिहा है। यहां पर सूरह बकरा का अर्थ गाय से है।


सुरह बकराह की आखिरी दो आयते

सूरह बकरा की आखिरी 2 आयतें 285 और 286 तीसरे पारे में है आइए इनका अरबी और हिंदी में अर्थ जान लेते हैं:-

आयत 285 अरबी मे निम्न प्रकार से है:-

ءَامَنَ الرَّسُوْلُ بِمَآ أُنْزِلَ إِلَيْهِ مِنْ رَّبِّهٖ وَالْمُؤْمِنُوْنَ ۚ كُلٌّ ءَامَنَ بِاللّٰهِ وَمَلٰٓئِكَتِهٖ وَكُتُبِهٖ وَرُسُلِهٖ لَا نُفَرِّقُ بَيْنَ أَحَدٍ مِّنْ رُّسُلِهٖ ۚ وَقَالُوْا سَمِعْنَا وَأَطَعْنَا ۖ غُفْرَانَكَ رَبَّنَا وَإِلَيْكَ الْمَصِيْرُ

आमनर-रसूलु बिमा उनजिला इलैहि मिर-रब्बिही वल-मुअ्मिनून, कुल्लुन आमना बिल्लाहि व मलाइकतिही व कुतुबिही व रुसुलिही ला नुफर्रिकु बैना अहदिम-मिर-रुसुलिह, व कालू समिअ्ना व अताअ्ना गुफरानका रब्बना व इलैकल-मसीर।

ऊपर लिखी आयत हिंदी में,

रसूल उसपर ईमान लाए(विश्वास किया) जो कुछ उनके रब की ओर से उनपर नाजिल(प्रकट) हुआ और ईमान वाले भी, प्रत्येक(सब), अल्लाह पर, उसके फ़रिश्तों पर, उसकी किताबों पर और उसके रसूलों पर ईमान लाए। (और उनका कहना यह है,) ‘हम उसके रसूलों में फर्क(भेदभाव) नहीं करते।’ और उनका कहना है, ‘हमने सुना और इताअत की(आज्ञा का पालन किया)। हमारे रब! हम तेरी क्षमा(माफी) चाहते है और तेरी ही ओर  लौटकर जाना है।


आयत 286 अरबी मे,

ۗ رَبَّنَا لَا تُؤَاخِذْنَآ إِنْ نَّسِيْنَآ أَوْ أَخْطَأْنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تَحْمِلْ عَلَيْنَآ إِصْرًا كَمَا حَمَلْتَهُ عَلَى الَّذِيْنَ مِنْ قَبْلِنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تُحَمِّلْنَا مَا لَا طَاقَةَ لَنَا بِهٖ ۖ وَاعْفُ عَنَّا وَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَآ ۚ أَنْتَ مَوْلٰىنَا فَانْصُرْنَا عَلَى الْقَوْمِ الْكٰفِرِيْنَ

ला युकल्लिफुल्लाहु नफ्सन इल्ला वुस्अहा, लहा मा कसबत व अलैहा मक-तसबत, रब्बना ला तुआखिजना इन-नसीना औ अख-तअ्ना, रब्बना वला तहमिल अलैना इसरन कमा हमल-तहु अलल-लजिना मिन कबलिना, रब्बना वला तुहम्मिलना मा ला ताकता लना बिह, वअ्फु अन्ना, वग-फिरलना, वर-हमना, अन्ता मौलाना फन-सुरना अलल कौमिल काफिरीन।

ऊपर लिखी आयत हिंदी मे,

अल्लाह किसी जान पर उसकी सामर्थ्य(सलाहियत) से ज्यादा भार नहीं डालता है। उसका है जो उसने कमाया और उसी पर उसका वबाल (आपदा) भी है जो उसने किया।

‘हमारे रब! यदि हम भूलें या चूक जाएँ तो हमें न पकड़ना। हमारे रब! और हम पर ऐसा बोझ न डाल जैसा तूने हमसे पहले के लोगों पर डाला था। हमारे रब! और हमसे वह बोझ न उठवा, जिसकी हमें उठाने की ताकत नहीं। और हमें माफ कर और हमारी गलतियों को ढाँक ले, और हमपर दया(रहम) कर। तू ही हमारा संरक्षक(मददगार) है, इसलिए इनकार(कुफ्र) करनेवालों के मुक़ाबले में हमें फतेह(जीत) दे।


Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi के फायदे

सूरह बकरा की रात पढ़ी जाने वाली आयत की आखिरी तो आयत की फजीलत निम्न प्रकार से है:-

1. हदीस अरबी मे,

قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم

“مَنْ قَرَأَ الآيَتَيْنِ مِنْ آخِرِ سُورَةِ الْبَقَرَةِ فِي لَيْلَةٍ كَفَتَاهُ‏

हिंदी भाषा में,

रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया:-

“जो कोई भी शख्स सूरह बकरा की आखरी दो आयतों को रात में पढ़ता है वह उसके लिए काफी हैंं।”

2. हदीस अरबी में,

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ مِغْوَلٍ، عَنِ الزُّبَيْرِ بْنِ عَدِيٍّ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ مُصَرِّفٍ، عَنْ مُرَّةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ لَمَّا أُسْرِيَ بِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم انْتُهِيَ بِهِ إِلَى سِدْرَةِ الْمُنْتَهَى وَهِيَ فِي السَّمَاءِ السَّادِسَةِ وَإِلَيْهَا يَنْتَهِي مَا عُرِجَ بِهِ مِنْ تَحْتِهَا وَإِلَيْهَا يَنْتَهِي مَا أُهْبِطَ بِهِ مِنْ فَوْقِهَا حَتَّى يُقْبَضَ مِنْهَا قَالَ ‏{‏ إِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشَى ‏}‏ قَالَ فَرَاشٌ مِنْ ذَهَبٍ فَأُعْطِيَ ثَلاَثًا الصَّلَوَاتُ الْخَمْسُ وَخَوَاتِيمُ سُورَةِ الْبَقَرَةِ وَيُغْفَرُ لِمَنْ مَاتَ مِنْ أُمَّتِهِ لاَ يُشْرِكُ بِاللَّهِ شَيْئًا الْمُقْحِمَاتُ ‏.‏

ऊपर लिखी हदीस हिंदी में,

इसे अब्दुल्लाह ने बयान किया:

जब अल्लाह के रसूल (ﷺ) को रात के सफर में ले जाया गया, वह सिद्रतुल मुंतहा(आखरी बेर का पेड़) पर पहुंचे जो छठे आसमान पर था, यही वह जगह है जहां सब कुछ नीचे(जमीन) से ऊपर(आसमान) तक आता है उसका अंत(आखिर) है और यही वह जगह है कि जो भी इसके ऊपर से आता है वह यहीं से ले जाया जाता है। और अल्लाह कहते हैं,”जब छा रहा है सिद्र(बेर) पर जो छा रहा है”

उन्होंने कहा,”वह सोने की तितलियां हैंं” और मुझे तीन चीजें दी गई है,”रोजाना की पांच नमाज़े(प्रार्थना), सूरह बकरा की आखिरी आयतें, और जो कोई भी मेरी उम्मत (राष्ट्र) में से इस हाल में मरेगा कि वह अल्लाह(ईश्वर) के सिवा किसी ओर की इबादत(पूजा) ना करता हो अल्लाह (ईश्वर) उसके सारे गुनाहों(पापों) को माफ कर देंगे चाहे वह इतने बुरे गुनाह(पाप) भी क्यों ना हो जो उसे जहन्नुम(नर्क) की और ले जाते हो।”


Surah Baqarah कब पढ़ना चाहिए ?

वैसे तो सूरह बकरा कि इन दो आयतो को पढ़ने के लिए कोई खास वक्त नहीं रखा गया है, परंतु इन आयतों को रात में सोने से पहले यदि पढ़ा जाए तो यह अफजल माना गया है, बाकी जितना अधिक हो सके आप सूरह बकरा की आखिरी  दो आयत और दरूद शरीफ की तिलावत करते रहें।


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निष्कर्ष :

दोस्तों, आज के इस लेख में हमने आपको Surah Baqarah Last 2 Ayat In Hindi से संबंधित जानकारी दी है।

आशा करते हैं, कि यह आपके लिए यह सहायक साबित होगी। यदि इस लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न आपके मन में है तो हमें कमेंट करके अवश्य बताएं।


FAQ’s :

1. इस्लाम धर्म में कितनी इबादत का फर्ज है ?

Ans. पांच इबादत

2. सूरह बकरा की कितनी आयते प्रमुख मानी जाती है ?

Ans. आखिर की 2 आयतें

3. सूरह बकरा की इन दो आयतों को पढ़ने के क्या फायदे हैं ?

Ans. यह दो आयते दुनिया भर की तमाम बुराइयों से बचाने वाली कहीं जाती है।

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