September 28, 2022
Alankar Kise Kahate Hain

अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण सहित पूरी जानकारी | Alankar Kise Kahate Hain

Alankar Kise Kahate Hain :-  आपने हिंदी व्याकरण के सब्जेक्ट में अलंकार शब्द का नाम तो अवश्य सुना होगा और हो सकता है, कि आप अलंकार के बारे में पढ़े भी होंगे।

मगर क्या आपको फिलहाल के समय में मालूम है, कि अलंकार के कितने भेद होते हैं और अलंकार किसे कहते हैं और अलंकार का उदाहरण कौन-कौन से होते हैं।

अगर आपको इन सब के बारे में तनिक भी मालूम नहीं है और आप इन सब से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।

तो आप हमारे इस लेख के साथ अंत तक बने रहे, क्योंकि इस लेख में हम इन्हीं सभी टॉपिको पर चर्चा करने वाले हैं, तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए।


अलंकार किसे कहते है ? | Alankar Kise Kahate Hain

अलंकार एक प्रकार का हिंदी व्याकरण का हिस्सा होता है। अलंकार शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों को मिलाकर के हुई है और उन दो  शब्दों में से पहले शब्द का नाम अलम् है और दूसरे शब्द का नाम कर है।

अलम् का अर्थ हिंदी भाषा में अलंकृत होता है और कार का अर्थ हिंदी मे करने वाला होता है।

अलंकार को अलंकृत करने वाला भी कहा जाता है। जिस प्रकार से कोई व्यक्ति अपने शोभा और सौंदर्यता को बढ़ाने के लिए आभूषण धारण करता है, ठीक उसी प्रकार से काव्य में उसकी शोभा और सुंदरता को बढ़ाने के लिए हम अलंकार का उपयोग करते हैं।

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से अलंकार होता है।


Alankar Ke Bhed | अलंकार के कितने भेद होते है ?

हिंदी व्याकरण के अनुसार अलंकार के दो प्रमुख भेद होते हैं और उन दोनों प्रमुख भेदों का नाम हमले नीचे में स्टेप बाई स्टेप करके लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे।

1) शब्दालंकार – Shabd Alankar

2) अर्थालंकार – Arth Alankar

अलंकार के दोनों भेदों का परिभाषा और उनकी भेदों का नाम और उनका उदाहरण हमने नीचे में Step By Step करके लिखा है और इनके बारे में अच्छी तरह से बताया है, तो चलिए उन सभी को जानते हैं।


1. शब्दालंकार किसे कहते है ? – ( Shabd Alankar kise kahte hai )

शब्द अलंकार, अलंकार का एक ऐसा भाग होता है, जिसका उपयोग से वाक्य में गजब की सुंदरता बढ़ती है, और शब्द अलंकार के प्रयोग से काव्य में चमत्कार आता है। शब्दालंकार का उपयोग वाक्य के शब्दों में ही किया जाता है।

शब्दालंकार के भेद

अलंकार के अनुसार शब्दालंकार के मुख्य तीन भेद होते हैं और उन तीनो भेदों का नाम और उनके परिभाषा को हमने नीचे में स्टेप बाय स्टेप करके लिखा है।

1) अनुप्रास अलंकार  ( Anupras Alankar )

3) यमक अलंकार  ( Yamak Alankar )

3) श्लेश अलंकार (Slash Alankar)

1. अनुप्रास अलंकार :- एक वाक्य में मौजूद सभी शब्दों का पहला अक्षर एक हो या एक वर्ण जो वाक्य मे बार बार आये उन्हें ही अनुप्रास अलंकार कहा जाता है।

जैसे की :-

मधुर मधुर मुस्कान मनोहर मनोज वेश का उजियाला।

चारु चंद्र की चंचल किरणें खेल रही थी जल थल में

2. यमक अलंकार :- जब किसी वाक्य में एक ही शब्द बार-बार आए और उसका अर्थ एक ही निकले तो उन्हें यमक अलंकार कहते है।

जैसे कि :-

काली घटा का घमंड घटा और सबकी हटा

कनक कनक ते सौगुनी मादकता अधिकाये। या खाए बौरात नर या पा बरौराये।

3. श्लेश अलंकार :-  यह एक ऐसा अलंकार होता है जो कि वाक्य में एक ही शब्द के अनेक अर्थ निकलता है।

जैसे कि :-

रहिमन पानी रखिए बिन पानी जाए सब सुख ”

पानी गए न उबरे  मोई मानस चुन।


2. अर्थालंकार किसे कहते है ? – ( Arth alankar kise kahte hai )

जब किसी वाक्य में मौजूद शब्दों का अर्थ कुछ इस प्रकार से निकाला जाता है कि वाक्य में एक अलग ही सौंदर्यता प्राप्त होती है, तो उन शब्दों के इस प्रक्रिया को ही अर्थालंकार के नाम से जानते हैं। अर्थालंकार का उपयोग किसी वाक्य के अर्थ में चार चांद लगाने के लिए किया जाता है।

अर्थालंकार के भेद

अलंकार के अनुसार अर्थालंकार के मुख्य आठ भेद होते है, मगर इन में मुख्य पाँच को ही माना जाता है । मगर हमने सभी  भेदों का नाम और उनके परिभाषा को हमने नीचे में स्टेप बाय स्टेप करके लिखा है।

  1. उपमा अलंकार
  2. रूपक अलंकार
  3. उत्प्रेक्षा अलंकार
  4. भ्रांतिमान अलंकार
  5. सन्देह अलंकार
  6. अतिशयोक्ति अलंकार
  7. विभावना अलंकार
  8. मानवीकरण अलंकार

तो दोस्तों कुछ इस तरह से अर्थालंकार के सभी प्रकार होते है।


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( Conclusion, निष्कर्ष )

उम्मीद करता हूं, कि आप को मेरा यह लेख बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से Alankar ke kitne bhed hote hai के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको Alankar Kise Kahate Hain, से जुड़ी हर एक जानकारी के बारे में बताने की कोशिश की है।


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