December 9, 2022
Aaram haram hai kisne kaha tha

आराम हराम है किसका नारा है? | Aaram haram hai kisne kaha tha

Aaram haram hai kisne kaha tha :-   नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम लोग जानेंगे कि भारत के प्रसिद्ध नारा में से एक आराम हराम है नारा किसने दिया था ? यानी आराम हराम है किसका नारा है ? तो यदि आपको नहीं पता है की यह नारा किसका है और इसे किसने दिया था तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें. तो बिना किसी देरी के चलिए इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और जानते हैं कि आराम हराम है किसने कहा था?

आराम हराम है किसका नारा है?

आराम हराम है यह नारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरु ने दिया था। नेहरू जी इस नारे को भारत के स्वंत्रता संग्राम की लड़ाई के समय दिया था जब अंग्रेजों के साथ स्वंत्रता संग्राम की लड़ाई चल रही थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू का यह मानना था कि जो निरंतर प्रयास करने से आनंद आता है वह आनंद सोने से और आराम करने से नहीं मिलता है।

इस नारे के माध्यम से जवाहरलाल नेहरु जी हमारे  देश के सभी युवाओ को यह सन्देश देना चाहते थे  कि यह समय हम सभी लोगों को परिश्रम करने का है और अपने देश को अंग्रेजों से आजाद करने का है। नहीं तो इस समय यदि देश का युवा नहीं  जागरूक होगा तो हमारे देश को अंग्रेजों से आजादी कैसे मिलेगी।

पंडित जवाहर लाल नेहरु के बारे में जानकारी

पंडित जवाहरलाल नेहरू का भारत को आजादी  दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाए हैं  उनका जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद शहर यानी की आज के प्रयागराज में हुआ था। जवाहरलाल नेहरू के पिता जी का नाम मोतीलाल नेहरु था जो की कश्मीरी पंडित थे. पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू अपने तीनो भाई-बहनों में सबसे बड़े थे.

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दुनिया की बेहतरीन विधालयो और कालेजो से अपनी शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने अपनी कानून की पढ़ाई दुनिया की प्रसिद्ध विश्वविद्यालय कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से प्राप्त की. नेहरू जी सात साल तक वकालत के कार्य करने के बाद सन 1912 में फिर से भारत लोटे. अग्रेजो के द्वारा भारतीय पर अत्याचार देखते हुए नेहरू जी सन 1917 में भारतीय राजनीती में प्रवेश किया. और वह रुल लीग में शामिल हो गए.

जवाहरलाल नेहरु जी को महात्मा गाँधी ने सन 1919 में राजनीती के  बारे में थोड़ा बहुत ज्ञान दिया उसके बाद जवाहरलाल नेहरू भारतीय सक्रिय हो गए और वह गाँधी जी के साथ रालेट अधिनियम के खिलाफ़ विद्रोह में शामिल हो गए। नेहरु जी महात्मा गाँधी के कदमो पर चलते हुए वह भी खादी के वस्त्र पहनना शुरू किया।

आराम हराम है नारा क्यों दिया गया?

पंडित जवाहरलाल नेहरु के द्वारा आराम हराम है  का नारा इसलिए दिया गया था ताकि हमारे देश के सभी लोग अपना समय सही जगह पर लगा सके ना कि आलस करने में, क्योंकि आलस एक ऐसा चीज है जो कि आदमी को कुछ भी करने नहीं देता हैं।

यह आराम हराम है का नारा आज के समय में  सभी लोगों को बताया जाता है ताकि सभी लोग अपने समय का सही उपयोग करें और आगे बढ़े,  इस नारा को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजादी के समय कहा था इसका जिक्र कई सारे किताबों में भी किया गया हैं।

आराम हराम है नारे का महत्व क्या है?

दोस्तों अब हम लोग जान चुके हैं कि आराम हराम है का नारा पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिया है और इस नारे को पंडित जवाहरलाल नेहरू क्यों दिए थे लेकिन एक और बात जानना जरूरी है कि आराम हराम है नारे का महत्व क्या है और क्यों बोला जाता है कि आराम हराम है चलिए आसान भाषा में जानते हैं।

  • इस नारा को आजादी के समय दिया गया था ताकि सभी लोग एकजुट होकर के अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाएं।
  • पंडित जवाहरलाल नेहरु इस नारा को इसलिए दिए थे ताकि भारत की सभी जनता अपने समय अपने काम में दें ना कि सिर्फ आराम में ,
  • यह नारा आज भी छात्रों को प्रेरणा देती है कि अपने काम पर फोकस करना चाहिए ना कि सिर्फ आराम पर।
  • इस नारा का मतलब है कि आप हमेशा मेहनत करते रहें। और आगे बढ़ते रहें।
  • यह नारा आजादी के समय काफी प्रसिद्ध रहा और यही कारण है कि आजादी में देश के आम जनता भी अपना योगदान दि।

FAQ,s

Q. आराम हराम है किसका नारा है? (Aaram haram hai kiska nara hai)

Ans :- आराम हराम है यह नारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरु ने दिया था।

Q. पंडित जवाहरलाल नेहरू कौन थे?

Ans :- पंडित जवाहरलाल नेहरू आजादी के समय का एक बड़ा  योद्धा रहे हैं जिन्होंने  भारत को आजादी दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया इसीलिए जवाहरलाल नेहरू आगे चलकर भारत के पहले प्रधानमंत्री बने नेहरू जी 15 अगस्त 1947 से लेकर 1950 तक भारत के प्रधानमंत्री बने रहें यह कांग्रेस के पहले अध्यक्ष भी थे  उनका जन्म 14 November 1889 को हुआ था और उनका मृत्यु 1964 में हुआ था।

Q. आराम हराम है यह कथन किसका है?

Ans :- आराम हराम है यह कथन भारत के पहले प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू का है।

Q. आराम हराम है का नारा कब दिया गया?

Ans :- आराम हराम है का नारा पंडित जवाहरलाल नेहरु के द्वारा आजादी के समय दिया गया?

Q. आराम हराम है का इंग्लिश (aaram haram hai in english)

Ans :- आराम हराम है का इंग्लिश में मतलब होगा to rest is to rust. यानी कि ज्यादा आराम करना समय की बर्बादी होता है।

[ अंतिम विचार ]

तो दोस्तों हमें उम्मीद है कि आप इस लेख को पढ़ने के बाद जान चुके होंगे कि यह आराम हराम है किसका नारा है और सबसे पहले आराम हराम है नारा किसने बोला था? तो यदि आपको यह लेख पसंद आया है और आप लेख मदद से Aaram haram hai kisne kaha tha? यह जान चुके हैं तो चलिए इसी के साथ इस आर्टिकल को यहीं पर समाप्त करते हैं.. आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद

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